पदपदाकुल   छंद
PADPDAKUL

विधान : आधार पदपदाकुल

गुरु  या  दो  लघु  प्रारंभ करे
औ  त्रिकल  शब्द आरंभ परे
हैं  तुकांत  दो  चरण  चार हैं
जो  रहे  अर्द्ध  "मत्त" भार हैं

चौपाई    बराबर   मान   लो
है सनातन छंद यह जान लो
सोलह   मात्रा   लिये  बंध है
वो   पदपादाकुलक   छंद है

utkarsh kavitawali
पदपदाकुल   छंद